छत्तीसगढ़

समस्त नियोजक एवं संस्थान प्रमुखों को अपने श्रमिकों एवं कर्मचारियों को वेतन, अवकाश एवं अन्य सुविधाएँ प्रदान करने के निर्देश

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महासमुंद 
नोवेल कोरोना वायरस कोविड-19 के संक्रमण के रोकथाम एवं बचाव हेतु छत्तीसगढ़ शासन के श्रम विभाग द्वारा समस्त नियोजकों, कारखाना प्रबन्धकों एवं संस्थान प्रमुखों को पत्र लिख कर अपने श्रमिकों एवं कर्मचारियों को वेतन अवकाश एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं प्रदान करने के मार्गदर्शी निर्देश दिए गए हैं। इसी तारतम्य में कलेक्टर सुनील कुमार जैन ने जिले के सभी नियोजकों, कारखाना प्रबन्धकों, प्रोपराइटर, संस्था प्रमुख जैसे औद्योगिक संस्थान कारखाना दुकान एवं वाणिज्यिक संस्थाएं, निजी अस्पताल एवं नर्सिंग होम, टॉकीज, होटल एवं रेस्टोरेंट, मॉल, समाचार पत्र संस्थान, निजी शैक्षणिक एवं कोचिंग संस्थान, ट्रांसपोर्ट उपक्रम, सार्वजनिक उपक्रम, निजी सुरक्षा एवं प्लेसमेंट एजेंसी, रियल एस्टेट या कंस्ट्रक्शन कंपनी में कार्यरत श्रमिकों एवं कर्मचारियों को वेतन अवकाश एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं प्रदान करने के निर्देश दिए हैं।

कलेक्टर द्वारा जारी पत्र में सभी नियोजकों को निर्देशित किया गया है कि वर्तमान उत्पन्न असाधारण परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए अपने संस्थान में कार्यरत सभी प्रकार के कर्मचारियों को स्वास्थ्य ,सुरक्षा, वेतन, भत्ता, अन्य सुविधाएं जारी निर्देशों के तहत प्रदान करें। इसके तहत अपने अधीनस्थ कार्यरत कर्मचारियों एवं श्रमिकों को सहूलियत के हिसाब से कार्य लेवें और ज़रूरी होने पर उनके निवास से भी कार्य करने हेतु व्यवस्था करें। यदि कोई कर्मचारी इस बीमारी से पीड़ित हो तो उसके स्वास्थ्य लाभ हेतु पूर्ण सहयोग के साथ आवश्यकतानुरूप सवैतनिक अवकाश प्रदान करें। साथ ही किसी कर्मचारी या श्रमिक के परिवार के सदस्य इस बीमारी से पीड़ित हो तो परिवार के सदस्य के सहयोग उपचार के लिए सम्बन्धित कर्मकार को आवश्यकतानुसार सवैतनिक अवकाश प्रदान करें। इसके अलावा वर्तमान में संस्था के कर्मचारी या श्रमिक अन्य कारणों से बीमार हैं अथवा उनके परिवार के सदस्य बीमार हैं तो ऐसी परिस्थिति में भी उन्हें सवैतनिक अवकाश और अन्य सुविधाएं दी जावें। कलेक्टर द्वारा जारी निर्देशों में आगे कहा गया है वर्तमान असाधारण परिस्थिति में सम्बंधित संस्थान में कार्यरत किसी भी कर्मचारी या श्रमिक की सेवाएं समाप्त अथवा छंटनी अथवा सर्विस ब्रेक नहीं किया जाएगा और न ही किसी कर्मचारी या श्रमिक के वेतन या देय स्वत्वों में कोई कटौती की जाए। वर्तमान परिस्थिति में किसी भी संस्थान, कारखाना या स्थापना को अपने सामान्य गतिविधि, कार्यक्रम, कार्य में बदलाव, स्थगित रखने के कारण किसी भी कर्मचारी अथवा श्रमिक आदि को नहीं निकाला जावेगा और न ही वेतन भत्ते आदि कटौती किया जावेगा। ऐसी समस्त परिस्थितियों में सवैतनिक अवकाश देकर मानवीय दृष्टिकोण अपनाने के लिए कहा गया है। नोवेल कोरोना वायरस कोविड-19 से उत्पन्न परिस्थिति में विभिन्न श्रम कानूनों के दृष्टिगत कर्मचारियों और श्रमिकों तथा उनके परिवार के सदस्यों को वैधानिक, सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा प्रदान की जाए।

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