छत्तीसगढ़

वाराणसी में हुआ मां का निधन, अंतिम दर्शन के लिए रायपुर से पैदल ही चल पड़ा बेटा

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रायपुर
कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी ने जनता कर्फ्यू (Janta Curfew) की अपली की. इसे बाद पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने देशभर में लॉकडाउन (Lockdown) का ऐलान किया. उन्होंने सभी को घरों में ही रहने की हिदायत दी. लोग इसका पालन भी सख्ती से कर रहे हैं. रेल, बस हवाई जहाज सब बंद होने की वजह से देश के कई इलाकों में बहुत बड़ी संख्या में लोग फंस गए हैं. कुछ ऐसा ही मामला छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) की राजधानी रायपुर (Raipur) से सामने आया है. दरअसल, रायपुर के एक युवक की मां का निधन हो गया. लॉकडाउन होने की वजह से उसे वाराणसी (Varanasi) तक पहुंचने के लिए कोई साधन नहीं मिला. मजबूरी में ये शख्स अपनी कुछ दोस्तों के साथ पैदल ही वाराणसी के लिए निकल पड़ा.

एएनआई से मिली जानकारी के मुताबिक वाराणसी के लिए मुराकीम नाम का एक शख्स अपने अपने दो दोस्तों-विवेक और प्रवीण के साथ रायपुर से निकल पड़ा है. मुराकीम की मां का निधन 25 मार्च को वाराणसी में हुआ था. ये शख्स पैदल रायपुर से कोरिया जिले के बैकुंठपुर पहुंचा है.

मुराकीम के दोस्तों में से एक का कहना है कि हम लगभग 20 किलोमीटर तक चले और 2-3 लोगों से हमारे रास्ते में लिफ्ट भी ली.  हम जब बैकुण्ठपुर पहुंचे को मेडिकल स्टोर संचालक ने हमारी मदद की.

दरअसल, लॉकडाउन की वजह से सुकमा जिले की सीमा सील कर दी गई है. वाहनों की आवाजाही बंद कर दी गई है. ऐसे में 150 किमी पैदल चलकर करीब 3 दर्जन मजदूर राजस्थान के कोटा पहुंचे. सभी का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें घर वापस भेजा गया. ऐसी खबर आ रही है कि अभी भी बड़ी संख्या में आंध्र प्रदेश (Andhra Pradesh) और तेलंगाना (Telangana) में मजदूर फंसे हुए है.

बता दें कि गुरुवार शाम करीब तीन दर्जन मजदूर अपने परिवार के साथ कोटा पहुंचे. इन सभी मजदूरों को पहले स्थानीय प्रशासन सीमा पर ही रोक लिया. डॉक्टरों की टीम ने पहले सभी का स्वास्थ्य परीक्षण किया, जांच की. सभी को कैंप में बिठाकर खाना खिलाया. गाड़ी का इंतजाम कर सभी को उनके घर पहुंचाया.

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