टीवीमनोरंजन

लॉकडाउन की ऐसी घड़ी में रोनित रॉय से लेकर सुशांत सिंह और अनुभव सिन्हा करेंगे जरूरतमंदों की मदद

Spread the love

कोरोनावायरस के तेजी से बढ़ते केसों को देखते हुए भारत में 21 दिनों का लॉकडाउन है। सुरक्षित रहने के लिए सभी लोगों से घरों में ही रहने की अपील की गई है। इस लॉकडाउन में सबसे बुरा असर दिहाड़ी मजदूरों और गरीबों पर पड़ रहा है।

लेकिन ऐसे लोगों की मदद के लिए अब ऐक्टर रोनित रॉय और सुशांत सिंह आगे आए हैं। रोनित रॉय अपनी बिल्डिंग के स्टाफ जैसे कि क्लीनर, वॉचमैन और अन्य लोगों को मुफ्त में जरूरी चीजें बांट रहे हैं। इनमें खाने-पीने का सामान भी शामिल है।
इसकी जानकारी ट्विटर पर देते हुए रोनित रॉय ने अन्य लोगों से भी इस पहल का हिस्सा बनने और जरूरतमंदों की सहायता करने की अपील की। रोनित रॉय ने लिखा, 'क्या हम सभी थाली पीटने को लेकर ज्यादा जुनूनी नहीं हो गए हैं? यह हो चुका है बस। क्या और कोई ऐसे मुद्दे नहीं हैं जिन पर अधिक ध्यान देने की जरूरत है? हमने रोजाना अपने बिल्डिंग के स्टाफ, वॉचमैन और क्लीनर आदि को चाय, बिस्किट और स्नैक्स वगैरह बांटना शुरू किया है। आप सभी से विनती है कि आप भी ऐसा ही करें।' रोनित रॉय ने आगे बताया कि वह अपनी बिल्डिंग के लोगों को जरूरत का राशन भी उपलब्ध कराएंगे।

सुशांत सिंह भी कर रहे जरूरतमंदों की मदद
ऐक्टर सुशांत सिंह भी इस मुहिम में जुड़ गए हैं। वह भी अपनी सोसाइटी के लोगों की मदद के लिए आगे आए हैं। इतना ही नहीं, जरूरत का सामान डिलिवर करने के लिए डिलिवरी नेटवर्क भी तैयार किया जा रहा है। रोनित रॉय ने इसकी भी जानकारी अपने ट्विटर हैंडल के जरिए दी और कहा कि ये छोटी-छोटी चीजें बहुत बड़ा बदलाव लाती हैं।

जरूरतमंदों को अनाज बंटवा रहे अनुभव सिन्हा
इससे पहले फिल्ममेकर अनुभव सिन्हा ने भी ऐसी ही रिक्वेस्ट की थी और ट्विटर पर लिखा था, 'मैं इनफिनिटी अंधेरी (मुंबई) के 3-4 किलोमीटर के आसपास रहने वाले कुछ वॉलंटियर्स ढूंढ रहा हूं। उन्हें बस इन्फिनिटी के पास से अनाज उठाकर आसपास के 3-4 अलग-अलग इलाकों में जाकर जरूरतमंदों को बांटना है।'

उन्होंने आगे लिखा था, 'ऐसा हम हफ्ते में 2 बार करेंगे। देखेंगे कि यह कैसा चलता है। लेकिन इसके लिए दो चीजें होना जरूरी है। एक तो यह कि अनाज कहां ले जाना है और किसे इसकी जरूरत है। दूसरा एक वाहन।'

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Back to top button
Close