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युवक पर अवैध तौर पर दो पेड़ों को काटने का आरोप, लगा 1.2 करोड़ रुपये का फाइन 

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 नई दिल्ली  
मध्य प्रदेश के वन विभाग के एक अधिकारी ने दो पेड़ों की अवैध कटाई करने पर एक आदिवासी युवक पर 1.20 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। यह मामला रायसेन जिले का है, जहां युवक पर अवैध तौर पर दो पेड़ों को काटने का आरोप है। वन विभाग के अधिकारियों ने कहा कि पेड़ की वास्तविक कीमत के अलावा उससे मिलने वाले प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष लाभों को भी कैलकुलेट किया गया है। उसके आधार पर ही जुर्माने की रकम तय की गई है। यह जुर्माना रायसेन जिले के सिलवानी गांव के रहने वाले छोटे लाल भिलाल पर लगाया गया है। 30 वर्षीय युवक पर सागौन के दो वृक्षों को काटने का आरोप है। 

छोटे लाल को 5 जनवरी को सिंगोरी सैंचुरी में पेड़ काटते हुए देखा गया था। उसके बाद से ही छोटे लाल फरार हो गया था, जिसे 26 अप्रैल को गिरफ्तार किया गया था। युवक पर लगे 1.20 करोड़ रुपये के जुर्माने को लेकर बम्होरी फॉरेस्ट रेंजर महेंद्र सिंह ने कहा, 'डायरेक्टर जनरल काउंसिल ऑफ फॉरेस्ट ट्री रिसर्च एंड एजुकेशन के मुताबिक एक पेड़ 50 सालों की अवधि में करीब 52 लाख रुपये का लाभ देता है। इसमें से 11.97 लाख रुपये की ऑक्सीजन सप्लाई है। इसके अलावा वायु प्रदूषण को कंट्रोल करने में 23.68 लाख रुपये का योगदान दिया जाता है। मिट्टी के कटान को रोकने में में 19 लाख रुपये और वॉटर फिल्ट्रेशन में 4 लाख रुपये का योगदान देता है। इस तरह से देखें तो एक पेड़ अपनी कुल आयु में करीब 60 लाख रुपये का लाभ देता है।'

अधिकारी ने कहा कि छोटे लाल पर पेड़ की ओर से मिलने वाले समस्त लाभों को जोड़ते हुए लगाया गया है। अधिकारी ने कहा कि छोटे लाल आदतन अपराधी है। वह पहले भी कई बार पेड़ों की अवैध कटाई कर चुका है। अधिकारी ने कहा कि वह पेड़ों की अवैध कटाई के बाद उन्हें फर्नीचर की दुकान पर बेचता रहा है। हालांकि छोटे लाल के चाचा फूल भिलाल ने वन विभाग के अधिकारियों की ओर से लगाए गए आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि हम जंगल से घिरे गांव में रहते हैं और ऐसे पेड़ों का ही इस्तेमाल करते हैं, जो पुराने होकर गिर चुके हों। हम अपने घर के निर्माण के लिए ऐसे पेड़ों का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन वन विभाग की ओर से हमारा उत्पीड़न किया जा रहा है।

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