राजनीतिक

मोदी सरकार के फैन हुए राहुल गांधी, वित्तीय सहायता पैकेज पर बोले- ‘पहली बार इस सरकार ने सही कदम उठाया है’

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नई दिल्ली 
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम के बाद कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और सांसद राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली सरकार की तारीफ की है। 21 दिनों के लॉकडाउन के दौरान देश के गरीबों को भोजन उपलब्ध कराने के लिए केंद्र सरकार की ओर से वित्तीय सहायता पैकेज की घोषणा से राहुल गांधी काफी खुश हैं। उन्होंने कहा है कि पहली बार इस सरकार ने सही कदम उठाया है। पैकेज का ऐलान होने के कुछ देर बाद ही राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा, 'सरकार की ओर से वित्तीय सहायता पैकेज सही दिशा में पहला कदम है। भारत पर किसानों, दिहाड़ी मजदूरों, श्रमिकों, महिलाओं तथा बुजुर्गों का कर्ज है, जो इस लॉकडाउन में परेशानी का सामना कर रहे हैं।' 

गरीबों के लिए 1.70 लाख करोड़ रुपये के राहत पैकेज की घोषणा 
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कोरोना वायरस महामारी और उसके आर्थिक प्रभाव से निपटने के लिए बृहस्पतिवार को खासतौर से गरीबों, बुजुर्गों, स्वयं सहायता समूहों और निम्न आय वर्ग को राहत देते हुए 1.70 लाख करोड़ रुपये की ‘प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना’ की घोषणा की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के अंतर्गत राशन की दुकानों से 80 करोड़ लोगों को अगले तीन महीने तक प्रति व्यक्ति 5 किलो गेहूं या चावल तथा इसके अलावा प्रति राशन कार्ड एक किलो दाल मुफ्त मिलेगी। सीतारमण ने पैकेज की घोषणा करते हुए कहा कि 20.5 करोड़ महिला जनधन खाताधारकों को अगले तीन महीने तक हर महीने 500 रुपये दिए जायेंगे ताकि उन्हें कुछ अतिरिक्त मदद मिल सके। वित्त मंत्री ने तीन करोड़ गरीब वृद्धों, विधवाओं तथा गरीब दिव्यांगों को एक-एक हजार रुपये की अनुग्रह राशि देने की भी घोषणा की। यह घोषणा ऐसे समय की गई है जब कोरोना वायरस की महामारी से निपटने के लिए तीन सप्ताह के देशव्यापी ‘लॉकडाउन’ की वजह से लोगों की रोजी-रोटी प्रभावित हुई है। कारखाने और संयंत्र बंद होने से कई क्षेत्र में नौकरियां जाने की भी खबर है। वित्त मंत्री ने संवाददाताओं को बताया कि मनरेगा के तहत दैनिक मजदूरी 182 रुपये से बढ़कर 202 रुपये की गई है। इससे पांच करोड़ परिवारों को लाभ होगा। 

राहुल ने चिकित्सा उपकरणों के लिए सांसद निधि से दिए 2.66 करोड़ 
उधर, राहुल गांधी ने अपने संसदीय क्षेत्र वायनाड में कोरोना वायरस से निपटने के प्रयास के तहत आवश्यक चिकित्सा उपकरणों की खरीद के लिए वहां की जिला कलेक्टर को अपनी सांसद निधि से 2.66 करोड़ रुपये जारी करने का आग्रह किया है। गांधी के आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर यह जानकारी दी गई है। कांग्रेस नेता ने वायनाड की कलेक्टर डॉक्टर आदिला अब्दुल्ला को पत्र लिखकर कहा कि वेंटिलेंटर, जांच किट, मॉस्क और दूसरे चिकित्सा उपकरणों की खरीद के लिए उनकी सांसद निधि से 2.66 करोड़ रुपये की राशि तत्काल जारी की जाए। गौरतलब है कि हर सांसद को प्रति वर्ष पांच करोड़ रुपये की सांसद निधि मिलती है जिसका इस्तेमाल जनप्रतिनिधि अपने संसदीय क्षेत्र के विकास कार्यों के लिए करता है। 

चिदंबरम भी कर चुके हैं मोदी सरकार की तारीफ 
इससे पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने देश में 21 दिनों के लिए बंद की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की घोषणा का समर्थन करते हुए बुधवार को कहा कि यह कोरोना के खिलाफ युद्ध में निर्णायक दौर है और इसमें मोदी सेनापति एवं जनता सैनिक है। उन्होंने एक बयान में सरकार से यह आग्रह भी किया कि किसानों, मजदूरों और गरीबों के खातों में पैसे भेजे जाएं तथा 30 जून तक सभी जरूरी वस्तुओं एवं सेवाओं पर जीएसटी में पांच फीसदी तक की कमी की जाए। 

पूर्व वित्त मंत्री ने कहा, ‘प्रधानमंत्री की ओर से 21 दिनों के बंद की घोषणा कोरोना के खिलाफ लड़ाई में एक निर्णायक दौर है। इस लड़ाई में जनता सैनिक और प्रधानमंत्री सेनापति हैं।’ चिदंबरम के अनुसार यह सभी लोगों का कर्तव्य है कि वे कोरोना के खिलाफ लड़ाई में प्रधानमंत्री, केंद्र सरकार और राज्य सरकारों का पूरा सहयोग करें। उन्होंने कहा कि किसान सम्मान निधि की राशि दोगुना करके 12 हजार रुपये की जाए और किसानों के खातों में तत्काल पैसे भेजे जाएं। बंद पर मोदी का समर्थन और उन्हें सेनापति बताने वाले बयान पर कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि यह चिदंबरम की निजी राय है और यह पार्टी का मत नहीं है। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी ने देश के लोगों से कोरोना वायरस की गंभीरता को समझने और घरों में रहने की अपील करते हुए मंगलवार को 21 दिनों के राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन की घोषणा की थी। 

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