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भारत में कम टेस्टिंग से सामने नहीं आ पा रहे कोरोना के सही आंकड़े?

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नई दिल्ली 

अमेरिका, इटली, फ्रांस के मुकाबले भारत में बहुत कम लोगों की हो पाई जांचभारत में कोरोना वायरस की जांच के लिए सिर्फ 111 सरकारी लैब मौजूद हैंजांच के साथ हिंदुस्तान में लगातार तेजी से बढ़ रहे कोरोना वायरस के मरीज चीन के वुहान शहर से फैले कोरोना वायरस ने पूरी दुनिया को जकड़ लिया है. इसके चलते भारत समेत 35 से ज्यादा देशों में लॉकडाउन के हालात पैदा हो गए हैं. कोरोना वायरस से सबसे ज्यादा लोगों की जान इटली में गई है. इटली में कोरोना से मरने वालों का आंकड़ा चीन से भी ज्यादा हो चुकी है.
अब तक दुनिया भर में तीन लाख से ज्यादा लोग कोरोना पॉजिटिव पाए जा चुके हैं, जबकि भारत में यह आंकड़ा 386 तक ही पहुंचा हैं. विश्वभर में कोरोना वायरस से मरने वालों की संख्या 13 हजार से ज्यादा पहुंच चुकी है, जबकि भारत में कोरोना से अब तक सात लोगों की मौत हुई है.

अब सवाल यह उठ रहा है कि आखिर भारत में कोरोना वायरस के मामले इतने कम क्यों हैं और लगातार बढ़ क्यों रहे हैं? दरअसल, इसकी वजह यह है कि भारत में कोरोना वायरस की ज्यादा जांच नहीं हो पा रही है, जिसके चलते कोरोना वायरस के सटीक आंकड़े सामने नहीं आ पा रहे हैं. आईसीएमआर भारत में कोरोना वायरस की जांच के लिए सिर्फ 111 सरकारी लैब हैं. अब निजी लैब को भी कोरोना की जांच की इजाजत दे दी गई है.

इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) के आंकड़े के मुताबिक जब भारत में 16 हजार 109 लोगों के कोरोना की जांच हुई, तब 341 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए. वहीं, जब अमेरिका में एक लाख 41 हजार 591 लोगों के कोरोना की जांच की गई और कोरोना के 26 हजार 905 मामले पॉजिटिव आए.
 
इसी तरह जब इटली में 2 लाख 6 हजार 886 लोगों के कोरोना की जांच की गई, तो 53 हजार 578 मामले सामने आए. दक्षिण कोरिया में तीन लाख 16 हजार 664 लोगों के कोरोना की जांच की गई, तो 8 हजार 897 पॉजिटिव मामले सामने आए. जब फ्रांस में 36 हजार 747 लोगों की जांच गई और 14 हजार 459 लोग पॉजिटिव पाए गए.
 
इसी तरह जब जर्मनी में एक लाख 67 हजार लोगों के कोरोना की जांच की गई, तो 23 हजार 129 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए. जब ब्रिटेन में 64 हजार 621 लोगों के कोरोना की जांच की गई, तो 5 हजार 18 लोग पॉजिटिव पाए गए.
 
इन आंकड़ों से एक बात तो साफ होती है कि भारत में कोरोना वायरस की जांच की संख्या बढ़ने के साथ पॉजिटिव मामलों की संख्या में इजाफा हो सकता है. यह देखा भी गया कि जैस-जैसे कोरोना वायरस की जांच आगे बढ़ रही है, तो कंफर्म मामलों की संख्या में वृद्धि हो रही है.

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