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ब्रिटेन: महारानी तक पहुंचा कोरोना का खतरा, सहायक का COVID-19 टेस्ट पॉजिटिव

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ब्रिटेन
बकिंघम पैलेस के एक स्टाफ (रॉयल एड, शाही सहयोगी) में कथित तौर पर कोरोनो वायरस का टेस्ट पॉजिटिव पाया गया है, जब महारानी एलिजाबेथ द्वितीय अपने लंदन वाले घर में थीं. रिपोर्ट आने के बाद महारानी को एहतियात के तौर पर विंडसर कैसल में अनिश्चितकाल के लिए ले जाया गया है और उनके आगे के सभी कार्यक्रम रद्द कर दिए गए हैं. हालांकि रिपोर्ट में महारानी की तबीयत सही होने की बात कही गई है.

ब्रिटेन की मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, यह पता नहीं है कि महल में स्टाफ महारानी के कितना करीब था, लेकिन महल में जिन-जिन सहयोगियों के संपर्क में वह आया है, उन सबको अलग-थलग (आइसोलेट) कर दिया गया है. समाचार पत्र द सन ने एक रिपोर्ट में लिखा है, महारानी के विंडसर पैलेस जाने से पहले उनके सहयोगी का कोरोना टेस्ट पॉजिटिव पाया गया है. महल में 500 लोगों का स्टाफ हैं इसलिए माना जा रहा है कि किसी न किसी स्टेज पर लोग जरूर प्रभावित हुए होंगे.
 
अभी तक इस स्टाफ की पहचान जाहिर नहीं की गई है और माना जा रहा है कि वह इस वायरस से पिछले हफ्ते के शुरू में संक्रमित पाया गया था. बकिंघम पैलेस ने इन खबरों पर टिप्पणी करने से इनकार किया है लेकिन कहा कि वह कोविड-19 महामारी के मद्देनजर जारी परामर्श में बताए गए सभी एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं.

इस हफ्ते की शुरुआत में महारानी ने एक बयान जारी किया था और लोगों से लॉकडाउन के दौरान संपर्क में रहने के नए तरीके खोजने के लिए कहा था. बयान में कहा गया था, “हममें से कई लोगों को एक-दूसरे के संपर्क में रहने और यह सुनिश्चित करने के नए तरीके खोजने की ज़रूरत होगी कि उनके प्रियजन सुरक्षित रहें. मुझे यकीन है कि हम उस चुनौती से पार पा लेंगे."

बता दें, अभी हाल में ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने कोरोना वायरस के खतरे से निपटने के लिए सामाजिक मेलजोल कम करने की दिशा में कदम उठाए हैं. बोरिस जॉनसन ने कैफे, पब्स, बार, रेस्तरां, नाइट क्लब, थिएटर, सिनेमा, जिम और खाने-पीने की जगहों को बंद करने का ऐलान किया है. लेकिन इस दौरान सभी आवश्यक सेवाएं जारी रहेंगी. सोशल डिस्टेंसिंग की दिशा में उठाया गया यह फैसला 20 मार्च की रात से लागू हो गया है.
 
जारी बयान में पीएम बोरिस जॉनसन ने कहा, “ये ऐसी जगह हैं जहां लोग एक साथ आते-जाते हैं और वास्तव में इन व्यवसायों का पूरा मकसद लोगों को एक साथ लाना है. लेकिन दुखद बात यह है कि आज के लिए कम से कम शारीरिक रूप से, हमें लोगों को अलग रखने की जरूरत है.” उन्होंने कहा कि फैसला लागू होने के लोग बाहर न निकलें.

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