राजनीतिक

पीएम मोदी के संबोधन पर चिदंबरम का निशाना, बोले- बात मानेंगे और आप बदले में हमारी बात मानिए

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नई दिल्ली

पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने प्रधानमंत्री के आज के संबोधन को लेकर एक ट्वीट किया। उन्होंने लिखा कि "प्रिय पीएम नरेंद्र मोदी, हम पांच अप्रैल को आपकी बात मानकर दिया जरूर जलाएंगे। लेकिन, बदले में कृपया हमारी और महामारी विज्ञानियों और अर्थशास्त्रियों की सलाह लें।" उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र ने लॉकडाउन में गरीबों को नजरअंदाज किया है जबकि उम्मीद की जा रही थी कि सरकार उन्हें समर्थन देने के लिए वित्तीय सहायता योजना (एफएपी) II की घोषणा करेगी। 25 मार्च को निर्मला सीतारमण (वित्त मंत्री) द्वारा जिन गरीबों की उपेक्षा की गई थी, आज हम उन श्रेणियों सहित गरीबों के लिए एक उदार आजीविका सहायता पैकेज एफएपी II की आपसे उम्मीद करते हैं।उन्होंने कहा कि हर कामकाजी पुरुष और महिला, व्यवसायिक व्यक्ति से लेकर दिहाड़ी मज़दूरी करने वाले भी आपसे उम्मीद करते हैं कि आप आर्थिक व्यवस्था पर ध्यान देने और आर्थिक विकास के इंजन को फिर से शुरू करने के लिए कदमों की घोषणा करेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि लोग दोनों तरफ से निराश हैं, यह बताते हुए कि केवल प्रतीकवाद, विचार और उपाय समान रूप से महत्वपूर्ण नहीं हैं। "लोग दोनों मामलों में निराश हैं। प्रतीकवाद महत्वपूर्ण है, लेकिन विचारों और उपायों के लिए गंभीर विचार समान रूप से महत्वपूर्ण है। इस बीच, उनके बेटे और कांग्रेसी नेता कार्ति चिदंबरम ने सरकार पर और अधिक तीखा निशाना साधा। उन्होंने ट्वीट किया- क्या वुडू डॉल में कोरोना की शेप की पिन लगाने से भी मदद मिलेगी।

 

गौरतलब है कि कोरोना इस समय दुनियाभर के लिए मुसीबत बना हुआ है। देशभर में कोरोना वायरस के 500 से अधिक मामले सामने आने के साथ संक्रमितों की संख्या 2,500 को पार कर गई, जबकि इनमें से 76 लोगों की मौत हो चुकी है। पिछले महीने राष्ट्रीय राजधानी का निजामुद्दीन क्षेत्र, तबलीगी जमात के एक विशाल कार्यक्रम के कारण कोरोना वायरस प्रकोप का सबसे बड़ा केंद्र बन गया है। अधिकारियों ने कहा कि देशभर में लगभग 9,000 लोगों की पहचान की गई है, जिनमें जमात के सदस्य और उनके संपर्कों में आए लोग शामिल हैं। इसमें जमात से जुड़े 1,306 विदेशी नागरिक शामिल हैं। इन सबको पृथक रखा गया है।

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