छत्तीसगढ़

परिवार का इकलौता सहारा था नक्सल हमले में शहीद लिबरु, पूरे गांव ने दी श्रद्धांजलि

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सुकमा
छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में सुकमा (Sukma) जिले के मिनपा इलाके में रविवार को हुए नक्सली मुठभेड़ (Naxal Attack) में 17 जवान शहीद (Seventeen Soldiers Died) हो गए. सोमवार को जिला मुख्यालय में शहीद जवानों को श्रद्धांजलि (Tribute) दी गई. पुलिस के आला अधिकारियों ने शहीद (martyr) जवानों के पार्थिव शरीर को कंधा दिया. इसके बाद उनके पार्थिव शरीर को गृहग्राम में अंतिम संस्कार के लिए भेज दिया गया. जवान के शहादत की खबर मिलते ही पूरे गांव में मातम फैल गया. शहीद जवान के पिता, बहन और पत्नी का रो-रो कर बुरा हाल हो गया.

 दरअसल, मिनपा इलाके के पास हुए हमले में जिले के तोंगपाल थाना क्षेत्र के लेदा पंचायत के चिड़पाल का रहने वाला जवान लिबरु राम शहीद हो गया. लिबरु राम के घर में पिता के अलावा पत्नी और एक बहन है. लिबरु की शादी को कुछ साल ही हुए थे और माता का देहांत हो गया. ऐसे में घर की पूरी जिम्मेदारी लिबरु राम के कंधों पर थी और वो भी शहीद हो गए. शहीद जवान के पार्थिव शरीर को गृहग्राम लेदा लाया गया, जहां पूरा गांव उमड़ पड़ा. वहां मौजूद लोगों की आंखों में आंसू थे. भारत माता के जयकारों से पूरा गांव गूंज उठा. जवानों ने अंतिम सलामी दी. इसके बाद पूरे सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया.

सुकमा के मिनपा में सीआरपीएफ, एसटीएफ और डीआरजी के करीब 550 जवान सर्चिंग के लिए निकले थे. जवानों को नक्सलियों के छत्तीसगढ़ के सक्रिय टॉप लीडर हिड़मा, नागेश और अन्य द्वारा कैंप लगाने का इनपुट मिला था. जवान सर्चिंग से लौट रहे थे. इसी दौरान नक्सलियों ने एंबुश लगाकर जवानों को फंसा लिया था. जवानों और नक्सलियों के बीच करीब साढ़े 3 घंटे तक मुठभेड़ चली. इसके बाद जवान अलग-अलग समूह में कैंप वापस लौटे. इनमें से 17 जवान लापता थे. रविवार सुबह से सीआरपीएफ और सुरक्षाबल के दूसरे जवान सर्चिंग के लिए निकले थे. इसी दौरान लापता जवानों की बॉडी रिकवर की गई.

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