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दो बार जांच में आया कोरोना निगेटिव, शादी के एक दिन पहले दूल्हे की मौत, मरने के बाद पता चला कोविड पॉजिटिव

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बेंगलुरु
कर्नाटक में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां 32 साल के युवक की तबीयत खराब हुई। घरवालों ने उसकी कोरोना की जांच कराई। दस दिनों में उसकी दो बार जांच हुई, लेकिन दोनों बार कोरोना निगेटिव आया। बुधवार को हालत खराब होने पर उसे शिवमोगा स्थित एक कोविड हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। यहां उसकी मौत हो गई। मरने के बाद उसकी तीसरी बार कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई। गुरुवार को युवक की शादी थी और एक दिन पहले उसकी मौत ने दो परिवारों की खुशियां मातम में बदल दीं। चिक्कमगलुरु के रहने वाले पृथ्वीराज डीएम की शादी 29 अप्रैल को होनी थी। घर में शादी की तैयारियां चल रही थीं। वह शादी के लिए दो हफ्ते पहले बेंगलुरु से अपने घर देवाराकोडिग के देवकुड़ोडी से पृथ्वीराज डीएम को लौटा था

दो हफ्ते पहले बेंगलुरु से लौटा था
दूल्हा बेंगलुरु में सेल्स एग्जिक्यूटिव का काम करता था। उसके पिता मंजूनाथ पेशे से किसान हैं। पृथ्वीराज उनका सबसे बड़ा बेटा था। मंजूनाथ ने बताया कि बेंगलुरु से लौटने के बाद पृथ्वीराज को पेट में दर्द हुआ। बाद में उसने सांस लेने में तकलीफ बताई। उसे एक स्थानीय अस्पताल में भर्ती करवाया गया। घरवालों ने शादी को आगे बढ़ाने का फैसला लिया। हालांकि इलाज के बाद पूरी तरह से ठीक हो गया। पृथ्वी के ठीक होने पर घरवालों ने तय तिथि पर शादी करने का फैसला लिया।

बिगड़ती चली गई हालत
दोनों परिवार शादी की तैयारियों में लग गए। पृथ्वी अस्पताल से घर आ गया था। अचानक बुधवार को उसे फिर से सांस फूलने की समस्या हुई। उसके घरवाले उसे कोप्पा के एक निजी अस्पताल में ले गए। यहां उसे प्राथमिक उपचार के बाद शिवमोग्गा जिले में थिरथाहल्ली में रेफर कर दिया गया। दोनों ही अस्पतालों में उसकी जांच की गई और रिपोर्ट निगेटिव आई। हालांकि उसकी हालत बिगड़ती चली गई।

तीसरी बार जांच में आया पॉजिटिव
पृथ्वीराज को शिवमोग्गा के मैकगैन अस्पताल भेजा गया। उसे कोविड वॉर्ड में भर्ती कराया। हालत और बिगड़ने पर पृथ्वी को वेंटिलेटर पर रखा गया। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. श्रीधर की हालत में सुधार नहीं हुआ और उसने बुधवार की शाम को अंतिम सांस ली। मरने के बाद उसकी तीसरी जांच रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव रही।

शादी में शामिल होने आए थे, बने मातम का हिस्सा
पृथ्वी का कोरोना प्रोटोकॉल के तहत दाह संस्कार किया गया। गुरुवार को जो रिश्तेदार उसकी शादी में शामिल होने आए थे, उसके दाह संस्कार में शामिल हुए लेकिन दूर से खड़े उसके शव को देखते रहे। किसी की भी हिम्मत उसके शव को हाथ लगाने की नहीं हुई।

 

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