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दिल्ली में कोरोना का कहर, सामने आए 24 हजार से अधिक नए मामले, 395 की हुई मृत्यु

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नई दिल्ली
राजधानी में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच स्वस्थ होने वाले लोगों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है। गुरुवार को एक दिन में रिकॉर्ड 25,615 मरीजों ने कोरोना को मात दी। वहीं, संक्रमण के 24,235 नए मामले आए। इससे अब कुल संक्रमितों की संख्या 11 लाख के पार पहुंच गई है।

स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, दिल्ली में अब कुल संक्रमितों कीसंख्या 11,22,286 पहुंच गई है। इसमें से 10,08,537 लोग स्वस्थ हो चुके हैं। गुरुवार को संक्रमण के रिकॉर्ड 395 लोगों की मौत हुई। कोरोना से अब तक कुल 15,772 लोगों की मौत हो चुकी है।

इस समय संक्रमण के कुल 97,977 सक्रिय मरीज हैं। इसमें से 19,524 अस्पतालों में भर्ती है।होम आईसोलेशन में 53,440 रोगियों का उपचार हो रहा है। कोविड केंद्रों में 778 रोगी भर्ती हैं। विभाग के मुताबिक, पिछले 24 घंटों में 73,851 लोगों की जांच की गई। इस दिन की संक्रमण दर बढ़कर 32.82 फीसदी हो गई है।दिल्ली में अब तक 1 करोड़ 70 लाख 69 हजार सैंपल के टेस्ट किए जा चुके हैं।कंटेनमेंट जोन की कुल संख्या 35,924 हो गई है।

कोरोना टीकाकरण अभियान में पिछले 24 घंटो में 31,761 लोगों को टीका लगाया गया।इनमें 15,589 को पहली व 16,172 लोगों को दूसरी खुराक लगाई गई। अब तक 31 लाख 33 हजार लोगों का टीकाकरण किया जा चुका है।

राजधानी में संक्रमितों की संख्या के साथ अस्पतालों में भर्ती रोगियों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही हैं। आलम यह है कि इस समय हर पांचवा संक्रमित मरीज अस्पताल में उपचार करा रहा है। पिछले साल मार्च में कोरोना की शुरुआत के बाद ऐसा पहली बार है जब अस्पतालों में मरीज लगातार बढ़ रहे हैं। सरकार का भी मानना है कि संक्रमण की इस लहर में गंभीर मरीजों की संख्या ज्यादा है।

दिल्ली में इस समय कोरोना के कुल करीब 1 लाख सक्रिय मरीज हैं। इनमें से 19,243 अस्पतालों में भर्ती हैं। इस लिहाज से देखें तो हर पांचवा संक्रमित अस्पताल में इलाज करा रहा है। इनमें से 15 हजार मरीज ऑक्सीजन स्पोर्ट पर और करीब चार हजार आईसीयू में  है। पिछले करीब एक माह से अस्पतालों में रोगियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। 29 मार्च को कुल 1468 मरीज अस्पतालों में थे, अब इनकी संख्या बढ़कर 19,243 हो गई है। इस हिसाब से देखें तो एक महीने में 17 हजार से ज्यादा रोगी भर्ती हुए हैं।

अपोलो अस्पताल के डॉक्टर प्रवीण कुमार का कहना है कि इस बार का वायरस तीन से चार दिनों में ही मरीज के फेफड़ों को प्रभावित कर रहा है। ऐसे में मरीजों में ऑक्सीजन की कमी हो रही है और उनकी गंभीर होती जा रही है। यही कारण है कि दिल्ली में अस्पताल भर रहे है कोविड केयर केंद्र खाली हैं। उन्होंने कहा कि इस समय अगर हल्का भी बुखार और खांसी है तो खुद को संक्रमित मान कर आइसोलेट हो जाना चाहिए।

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