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चीन पर बरसे अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोंपियो, ‘कोरोना वायरस’ को बताया ‘वुहान वायरस’

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वाशिंगटन

वुहान से शुरू हुए कोरोना वायरस के कहर जूझ रहे अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोंपियो ने चीन को जमकर खरी- खोटी सुनाई है। पोंपियो ने कोरोना वायरस को 'वुहान वायरस' बताया। उन्‍होंने कहा कि चीन की कम्‍युनिस्‍ट पार्टी, रूस और ईरान कोरोना वायरस की महामारी को लेकर गलत सूचनाएं फैला रहे हैं। इसका मकसद लोगों में भय और भ्रम पैदा करना है।
पोंपियो का यह बयान ऐसे समय पर आया है अमेरिका में कोरोन से मरने वालों की संख्‍या 252 पहुंच गई है। वहीं दुनियाभर में 11 हजार से ज्‍यादा लोग इस महामारी से मारे गए हैं। अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप के बाद अब विदेश मंत्री पोंपियो ने कोरोना को लेकर चीन पर हमला बोला है। उन्‍होंने कहा, 'गलत सूचनाएं दुनियाभर में अचानक से सामने आए लोगों के साथ-साथ चीन की कम्‍युनिस्‍ट पार्टी, रूस और ईरानी प्रशासन से आ रही हैं। हमें इन प्रयासों को निश्चित रूप से रोकना होगा जो हमारे लोकतंत्र, हमारी स्‍वतंत्रता और हम कैसे वुहान वायरस से निपट रहे हैं, इसको धक्‍का पहुंचाना चाहती हैं।'

चीन की हरकत से दुनिया खतरे में: पोंपियो
अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा, 'इससे पहले हमने चीन को यह प्रस्‍ताव दिया था कि हमारे विशेषज्ञ उनकी और डब्‍लूएचओ की मदद के लिए चीन जाएंगे लेकिन हमें इसकी अनुमति नहीं दी गई। इस तरह की चीजें चीनी कम्‍युनिस्‍ट पार्टी ने कीं जिससे दुनिया और विश्‍वभर के लोग खतरे में आ गए हैं।' इससे पहले अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ट ट्रंप ने आरोप लगाया था कि चीन ने कोरोना वायरस को लेकर प्रारंभिक सूचना छ‍िपाई जिसकी सजा आज दुनिया भुगत रही है।

ट्रंप ने कोरोना वायरस को चीनी वायरस बताते हुए कहा, 'दुनिया उनके कर्मों की बहुब बड़ी सजा सुना रही है।' ट्रंप का इशारा इस बात की ओर था कि चीन ने सही समय पर कोरोना वायरस के फैलने की पूरी सूचना साझा नहीं की। ट्रंप ने कहा, 'इस बीमारी को चीन से ही रोका जा सकता था जहां से यह शुरू हुई थी।' उन्‍होंने कहा कि अगर चीन ने सही सूचना समय पर दी होती तो अमेरिकी अधिकारी समय पर कदम उठाते और इस महामारी को फैलने से रोका जा सकता था।

कोरोना वायरस अमेरिकी सेना वुहान लाई: चीन
ट्रंप और अमेरिकी रक्षामंत्री का यह बयान चीन के उस दावे के बाद आया है जिसमें उसने कहा था कि किलर कोरोना वायरस वुहान से नहीं बल्कि अमेरिका से फैला है। वुहान में इसके संक्रमण के पीछे अमेरिकी सेना का हाथ हो सकता है। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिजियन झाउ ने दावा किया था कि कोरोना वायरस अमेरिका में जन्मा और हो सकता है कि वुहान में इसे लाने के पीछे अमेरिकी सेना हो।

प्रवक्ता ने अमेरिका के सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल के डायरेक्टर रॉबर्ट रेडफील्ड के एक विडियो को भी ट्वीट किया है जिसमें वह कथित तौर पर स्वीकार कर रहे हैं कि फ्लू से कुछ अमेरिकी मरे थे लेकिन मौत के बाद पता चला कि वे कोरोना वायरस से संक्रमित थे। रेडफील्ड अमेरिकी संसद की समिति के सामने यह स्वीकार किया। लिजियन झाउ ने एक अन्य ट्वीट में सवाल किया कि अमेरिका में कितने लोग संक्रमित हैं, किन अस्पतालों में भर्ती हैं, सबसे पहले कौन मरीज संक्रमित हुआ, इन सब आंकड़ों को सार्वजनिक किया जाना चाहिए। प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि हो सकता है कि अमेरिकी सेना ही वुहान में कोरोना वायरस लेकर आई हो। उन्होंने कहा कि अमेरिका को हमें स्पष्टीकरण देना होगा।
 

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