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चारों दोषियों को फांसी के बाद निर्भया के गांव में मनाया गया जश्न

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 बलिया 
करीब सवा सात साल बाद निर्भया के दोषियों विनय, अक्षय, मुकेश और पवन गुप्ता को फांसी पर लटका दिया गया। शुक्रवार सुबह साढ़े पांच बजे दिल्ली की तिहाड़ जेल में सभी दोषियों को एक साथ फांसी के फंदे पर लटकाया गया। फांसी के आधे घंटे बाद चारों की मौत की पुष्टि की गई।

फांसी के बाद निर्भया के माता-पिता काफी खुश है, उन्होंने कहा आखिरकार हमारी बेटी को इंसाफ मिला। वहीं, निर्भया के गांव बलिया (उत्तर प्रदेश) में लोगों ने एक दूसरे को मिठाई खिलाकर और रंग लगाकर जश्न मनाया। गांव वालों ने ढोलक-मंजीर भी बजाकर नाचे।
 
निर्भया गैंगरेप के चारों दोषी- पवन, अक्षय, मुकेश और विनय को शुक्रवार तड़के साढ़े पांच बजे फांसी दे दी गई। फांसी देने से पहले चारों को मेडिकल किया गया, जिसमें सभी फीट और स्वस्थ थे। जिसके बाद जेल में फांसी की प्रक्रिया पूरी कर उन्हें सजा-ए-मौत दी गई। फांसी के बाद 7 साल से इंसाफ का इंतजार कर रहीं निर्भया की मां आशा देवी ने कहा कि जैसे ही मैं सुप्रीम कोर्ट से लौटी, बेटी की तस्वीर को गले से लगाया और कहा कि आज तुम्हें इंसाफ मिला। आशा देवी ने वकील सीमा कुशवाहा और बहन सुनीता देवी को भी गले लगाया।

आपको बता दें कि दिल्ली में 16 दिसंबर 2012 रविवार की रात चलती बस में एक निर्भया के साथ सामूहिक बलात्कार किया गया। यह घटना उस वक्त हुई जब वह फिल्म देखने के बाद अपने पुरुष मित्र के साथ बस में सवार होकर मुनीरका से द्वारका जा रही थी। उसके बस में बैठते ही लगभग पांच से सात यात्रियों ने उसके साथ छेड़छाड़ शुरू कर दी। उस बस में और यात्री नहीं थे। उसके मित्र ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन उन लोगों ने उसके साथ भी मारपीट की और निर्भया के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। बाद में इन लोगों ने निर्भया और उसके मित्र को दक्षिण दिल्ली के महिपालपुर के नजदीक वसंत विहार इलाके में बस से फेंक दिया।

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