भोपालमध्य प्रदेश

कोविड-19 से निपटने युद्ध स्तर पर काम कर रहा राज्य-स्तरीय कंट्रोल रूम

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भोपाल

प्रदेश में कोविड 19 संक्रमण के प्रभाव को कम करने और इससे लोगों को बचाने के लिए मध्यप्रदेश शासन युद्ध-स्तर पर काम कर रहा है। स्थिति पर सतत निगरानी के लिए भोपाल स्मार्ट सिटी कार्यालय में राज्य-स्तरीय और जिला-स्तरीय नियंत्रण कक्ष तैयार किया गया है। इसमें कोविड 19 हेल्पलाइन टोल फ्री नंबर 104, 181, 1100, कंट्रोल रूम नंबर 0755-2411180 एवं वाट्सएप नंबर 8989011180 पर शिकायतें प्राप्त की जाती हैं, जिन्हें आठ श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है।

कोरोना संबंधी जानकारी, जैसे शासन के निर्देश, अस्पताल सुविधा और विशेषज्ञ डॉक्टर, सूचनाकर्ता द्वारा बताये गये संदिग्ध मामले, मरीज (स्वयं या परिजन), जिनमें कोरोना के लक्षण दिख रहे हैं, चाहे प्रभावित क्षेत्र या देश की यात्रा की हो या नहीं, यदि मरीज घर/अस्पताल/अन्य जगह/क्वारेंटाइन हैं और चाही गई अतिरिक्त मदद और जानकारी, अन्य काल यहाँ प्राप्त कर उनका निराकरण किया जा रहा है।

कोरोना के कारण नागरिकों को खाद्य एवं आवश्यक सामग्री उपलब्ध न होने संबंधी (आपातकालीन सेवा कोविड 19), कोरोना के कारण गैस सिलेण्‍डर/किरोसिन न मिलने संबंधी (आपातकालीन सेवा कोविड 19), कोरोना के कारण मजदूरी नहीं मिलने से पैसे नहीं होने संबंधी (आपातकालीन सेवा कोविड 19), कोरोना के कारण फल/सब्जी/दूध नहीं मिलने संबंधी (आपातकालीन सेवा कोविड 19), कोरोना के कारण दवाइय़ां न मिलना और चिकित्सा सुविधा मिलने में असुविधा संबंधी या अधिक पैसे लेने संबंधी, कोरोना के कारण मरीज को अस्पताल नहीं ले जा पाने संबंधी (आपातकालीन सेवा कोविड 19), कोरोना के कारण राज्य के बाहर आवागमन में हो रही असुविधा से संबंधित (आपातकालीन सेवा कोविड 19), कोरोना के कारण राज्य के अंदर आवागमन में हो रही असुविधा से संबंधित (आपातकालीन सेवा कोविड 19 समस्याओं और शिकायतों का भी राज्य-स्तरीय कन्ट्रोल रूम में निराकरण किया जा रहा है। वर्गीकरण के बाद प्राप्त शिकायतों को उनके संबंधित जिलों के हेल्पलाइन नंबर ट्रासफर कर दिया जाता है, और जिलों के नोडल अधिकारियों से संपर्क कर शिकायतों का निराकरण किया जाता है।

राज्य के बाहर आवागमन में हो रही असुविधा के मामले

राज्य के बाहर रह रहे मध्यप्रदेश के लोगों द्वारा भी शिकायतें कंट्रोल रूम में प्राप्त की जा रही हैं। प्राप्त शिकायतों का डाटा तैयार कर दिल्ली स्थित मध्यप्रदेश भवन में रेजिडेंट कमिश्नर को उपलब्ध कराया जा रहा है। इन शिकायतों को संबंधित राज्यों के रेजिडेंट कमिश्नर से समन्वय कर निराकरण किया जाता है। इन शिकायतों में मुख्यत: अन्य राज्यों में रहने की व्यवस्था, भोजन की सुविधा, आवागमन और आपातकालीन स्थिति में चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। अभी तक राज्य के बाहर से करीब 400 कॉल प्राप्त हुए हैं, जिनमें सभी का निराकरण किया गया है।

सीएम हेल्पलाइन 181

नियंत्रण कक्ष के कोरोना डैशबोर्ड के अनुसार 3 मार्च से 30 मार्च तक सीएम हेल्पलाइन 181 पर कुल 37 हजार से अधिक शिकायतें प्राप्त हुई हैं। इन शिकायतों में से 12 हजार से अधिक शिकायतों का निराकरण कर दिया गया है।

वाट्सएप पर प्राप्त शिकायतें

प्रदेशभर से वाट्सएप के जरिए प्राप्त हो रही शिकायतों का भी काफी गंभीरता से निराकरण किया जा रहा है। इन शिकायतों में मुख्यत आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं, चिकित्सकों से परामर्श, निकटतम अस्पताल और दवाइय़ां संबंधित शिकायतें प्रमुख है, जिन्हें वाट्सएप पर ही लिंक भेजकर उनका निराकरण किया जाता है।

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