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कोरोना से लड़ाई: सैफ के संपर्क में आए लोगों में मिलने लगे कोरोना के लक्षण

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पटना  
सैफ के संपर्क में आने वालों में अब कोरोना के लक्षण मिल रहे हैं। एम्बुलेंस चालक और पटना मेडिकल कॉलेज के एक डॉक्टर से लेकर अब तक 70 लोगों को चिन्हित किया गया है। मुंगेर से लेकर पटना तक सैफ के संपर्क में आने वालों की पड़ताल की जा रही है। इसमें पटना के साथ मुंगेर के सिविल सर्जन कार्यालय से टीम गठित की गई है, जो  लगातार ऐसे लोगों को चिन्हित करने में जुटी है। 

दहशत में है एम्बुलेंस चालक
सैफ को एम्स से मुंगेर ले जाने वाला एम्बुलेंस चालक काफी दहशत में है। सैफ की मौत के बाद जब उसकी जांच रिपोर्ट कोरोना से संक्रमित आई तो स्वास्थ्य विभाग ने सबसे पहले एम्बुलेंस चालक को ही आइसोलेट किया था। हालांकि शुरुआती दौर में चालक में कोई संदिग्ध लक्षण नहीं मिला था। सिविल सर्जन के आदेश पर सावधानी को लेकर  उसे होम कोरेंटाइन में रखा गया था, लेकिन दो दिनों से उसे सर्दी व अन्य शिकायत मिलनी शुरू हो गई है। बताया जा रहा है कि बुधवार को उसे तकलीफ कुछ बढ़ी, जिसके  बाद उसकी बेचैनी बढ़ गई। वह सैफ की मौत के बाद से ही डरा है और उसे लगता है कि वह भी नहीं बचेगा। गुरुवार को सिविल सर्जन ने एम्बुलेंस चालक की जांच के लिए  डॉक्टरों को निर्देश दिया है। आरएमआरआई में उसका नमूना लेकर जांच के लिए भेजने को कहा गया है। 

डॉक्टर को कर दिया गया है अलग 
कोरोना संक्रमित सैफ की डायलिसिस मुंगेर में हुई थी। इसके बाद परिजन उसे लेकर पटना मेडिकल कॉलेज आए थे। पटना मेडिकल कॉलेज में उसका पर्चा कटाया गया था और फिर सैफ ने ही एक डॉक्टर को अपने हाथ से पर्चा थमाया था। पीएमसीएच में भीड़ के कारण सैफ को अस्पताल से वापस कर दिया गया था। बताया जा रहा है कि पटना मेडिकल कॉलेज में मरीजों की भीड़ के कारण सैफ को भर्ती करने से इनकार कर दिया गया था। पर्चा लेकर डॉक्टर ने सैफ से उसकी समस्या को लेकर बात करने के साथ जांच पड़ताल भी की थी। ऐसे में आशंका डॉक्टर के भी संक्रमित होने को लेकर है। 

डॉक्टर में हुआ संक्रमण तो संकट में होगी मरीजों की जान 
पटना मेडिकल कॉलेज के जिस डॉक्टर के बारे में संक्रमण की आशंका जताई जा रही है, वह यूरोलॉजी विभाग के बताए जा रहे हैं। अगर उनके अंदर संक्रमण की पुष्टि हुई तो कई मरीजों की जान सांसत में होगी, क्योंकि संबंधित डॉक्टर ने सैफ की रिपोर्ट आने के बाद तक मरीजों का इलाज किया है। दर्जनों मरीजों का परीक्षण करने के साथ उन्हें दवा दी गई। हालांकि जब तक डॉक्टर की जांच नहीं हो जाती है, इस मामले में कोई बड़ा निणर्य नहीं लिया जा रहा है। डॉक्टर को मेडिकल कॉलेज से अलग रहने को कहा गया है। 

संदिग्ध की 70 से बढ़ सकती है संख्या 
सिविल सर्जन कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक सैफ के संपर्क में आने वालों की पूरी जानकारी जुटाई जा रही है। अब तक 70 लोगों को चिन्हित किया गया है, जो सैफ के सीधे संपर्क में आए हैं। अब इन 70 लोगों की जांच के बाद इसमें पॉजिटिव आए लोगों के संपर्क में आने वालों की हिस्ट्री खंगाली जाएगी। बताया जा रहा है ये संख्या हजारों में पहुंच सकती है। हालांकि परिवार के सदस्यों के साथ अन्य करीबी लोगों की जांच कराई गई थी, जिसमें दो में सक्रमण होना पाया गया था। इस मामले में पूरा स्वास्थ्य महकमा जांच में जुटा हुआ है और इस चेन को तोड़ने में लगा है, जो सैफ के कारण बनी हुई है। सैफ 13 मार्च को कतर से लौटा था। वह किडनी का मरीज था और इसपर उसे कोरोना का संक्रमण भी हो गया। मुंगेर में इलाज कराने के साथ वह पटना के कई बड़े अस्पतालों में भटका, फिर एम्स में भर्ती कराया गया, जहां शनिवार को उसकी मौत हो गई।

एम्बुलेंस चालक काफी डरा हुआ है। वह कोरोना जैसा लक्षण बता रहा है। जांच के लिए उसका नमूना आरएमआरआई भेजा गया है। 
– डॉ राज किशोर चौधरी, सिविल सर्जन  

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