छत्तीसगढ़

कोरोना संक्रमण की आंशका के चलते लगाई गई धारा 144

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दुर्ग
कोरोना संक्रमण की आंशका के चलते कलेक्टर अंकित आनंद ने धारा 144 लागू कर दी है। इस आदेश के प्रभावशील रहते आम जनता के सामूहिक ड्रील, रैली, जुलूस, धरना-प्रदर्शन, सभा को जिला दण्डाधिकारी के बिना अनुमति के प्रतिषेधित किया गया है।

इसके अंतर्गत यह आदेशित किया गया है कि अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी, अनुविभागीय दण्डाधिकारी, कार्यपालिक दण्डाधिकारी इस आदेश के तहत आवश्यक प्रतिबंधात्मक कार्यवाही किसी व्यक्ति या व्यक्तियों के विरूद्ध आवश्यकतानुसार कलेक्टर के आदेश का पालन कराने अधिकृत किया गया है एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत, सिविल सर्जन, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, खण्ड चिकित्सा अधिकारी, इस आदेश के पालन के लिए आवश्यकतानुसार आदेश अपने विवेक का उपयोग करते हुए जो वे उचित समझे जारी करने के लिए अधिकृत किये जाते हैं।

किसी नाबालिग के मामले में प्रतिबंधात्मक कार्यवाही पालक के विरूद्ध किया जावेगा। यह आदेश दुर्ग जिले के नगरीय निकाय क्षेत्रों में तत्काल प्रभावशील होगा, जो कि 05 अप्रैल या आगामी आदेश जो पहले आए तक प्रभावशील रहेगा।

यदि कोई व्यक्ति को लेकर पर्याप्त कारण, जानकारी या आवश्यकता है यह मानने के लिए कि वह कोविड- 19 से संक्रमित हो सकता है या वह किसी ऐसे व्यक्ति के संपर्क में है जो कोविड- 19 से संक्रमित हो सकता है या है, यह अनिवार्य होगा कि ऐसा व्यक्ति तुरन्त सहयोग करके सारी जानकारी घोषित करेगा एवं सभी संभावित सहयोग निगरानी दल को देगा और उनके द्वारा दिए गए निर्देश (मौखिक या लिखित) जो कि निगरानी जांच निरीक्षण, भौतिक परीक्षण क्वार्टाइन संगरोध और इलाज से संबंधित है और ऐसे व्यक्ति से संपर्क में आए हुए अन्य व्यक्ति पर भी लागू होगा, ऐसा कोई भी व्यक्ति जो निवारण या इलाज के इन उपयोग या सहयोग देने से मना करता है अथवा संबंधित जानकारी देने से मना करता है या निगरानी दल के निर्देशों का पालन नहीं करता है तो वह भारतीय दण्ड संहिता 1860 की धारा 270 एवं धारा 144 दं. प्र. सं. के इस आदेश की अवहेलना करने के लिए दंड का भागी होगा। ऐसे जगहों के सभी मालिक/प्रबंधक/निवासरत सभी व्यक्ति पर यह बाध्यता होगी कि वे राज्य शासन द्वारा जारी दूरभाष टोल फ्री 104 या जिला प्रशासन के टोल फ्री 0788-2210773 से संपर्क करके ऐसे किसी भी व्यक्ति जिसे ऐसे व्यक्तियों के संपर्क में आए है जो कोविड-19 से संक्रमित देशों से आए हैं, इस हेतु जिला चिकित्सालय एवं रेल्वे स्टेशन दुर्ग में हेल्प डेस्क बनाया गया है, के बारे में जानकारी देंगे, और वे बाध्य होगें कि तुरंत सहयोग दे के ऐसे व्यक्तियों तक पहंुचने के लिए अप्रतिबंधित और आवश्यक सारी जानकारी का खुलासा करेंगे, और सहायता देंगे जो निर्धारित स्वास्थ्य दल, जांच दल को अपना कार्य करने के लिए आवश्यक होगा। इन दलों के द्वारा दिए गए निर्देशों (लिखित या मौखिक ) का पालन करेंगे, जो निगरानी जांच, भौतिक परीक्षण क्वार्टाइन संगरोध और इलाज के लिए आवश्यक होगा। ऐसे किसी परिसर के अस्थायी बंद, मुद्रण, निकासी, धुमन, सफाई इत्यादि के लिए दिए गए आदेशों का पालन करेंगे एवं सहयोग प्रदान करेंगे। यदि उपरोक्त में से किसी का उल्लंघन किया जाता है तो संबंधित व्यक्ति धारा 144 दं.प्र.सं. ,1973 में इस आदेश के अतिरिक्त धारा 270, 188 आई पी सी.ं, 1860 का उल्लंघन मानते हुए दण्ड का पात्र होगा।

इस आदेश में परिसर का तात्पर्य दुर्ग जिले में स्थित शासकीय, अर्द्धशासकीय, निजी संस्थाएं जैसे के आश्रम, छात्रावास, हॉल, लॉज, रेस्टहाउस, गेस्टहाउस, निरीक्षण गृह, धर्मशाला, रिसॉर्ट, निजी शिक्षण संस्था, मंदिर मस्जिद, दरगाह, गुरूद्वारा, चर्च, हाटबाजार एवं निजी घर से है।  

आदेश में कहा गया है कि दुर्ग जिले में इस बीमारी के फैलने या संक्रामक होने की आशंका है क्योंकि दुर्ग जिले की सीमाओं से लगी हुई अन्य जिलों की सीमाओं में यह बीमारी संक्रामक है एवं दुर्ग जिला रायपुर, बेमेतरा, राजनांदगांव, बालोद तथा भिलाई स्टील प्लांट एक लघु भारत होने के कारण अन्य प्रदेशों से जिले में लगातार आवागमन एवं परिवहन होने के कारण धारा दं.प्र.सं., 1973 की धारा 144 के अंतर्गत लागू करना आवश्यक है। जिससे कि मानव जीवन एवं स्वास्थ्य की सुरक्षा करते हुए कोविड-19 के संक्रमण की रोकथाम के लिए आवश्यक कदम उठाया जा सके।

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