भोपालमध्य प्रदेश

कोरोना वायरस के विरूद्ध खान-पान से प्रतिरोधक क्षमता विकसित करें

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भोपाल

मुख्यमंत्री  कमल नाथ ने प्रदेश के नागरिकों से अपील की है कि नोवल कोरोना वायरस के प्रकोप से बचने के लिए वे अपने खान-पान को ऐसा रखें, जिससे उनके अंदर प्रतिरोधक क्षमता विकसित हो। उन्होंने कहा है कि आवश्यकता होने पर डॉक्टर की सलाह एवं उपयोगी दवाएँ भी जरूर लें।  कमल नाथ ने नागरिकों से कहा कि आपने इस बीमारी की रोकथाम के प्रति जो सतर्कता और सावधानी बरती है और जो जागरूकता दिखाई है, वह सराहनीय है। इसे आगे भी निरंतर जारी रखें। मुख्यमंत्री ने कहा कि घबराने की जरूरत नहीं है। आने वाले दिनों में सतर्क रहने की आवश्यकता है।

मुख्यमंत्री  कमल नाथ ने नागरिकों से कहा है कि नोवल कोरोना वायरस के संक्रमण का फैलाव और इसके खतरों से आप सभी परिचित हैं। पूरे विश्व में कोरोना का प्रभाव हम देख रहे है। इसे महामारी भी घोषित किया जा चुका है। मध्यप्रदेश में भी इसे संक्रामक रूप घोषित किया गया है।

मुख्यमंत्री  कमल नाथ ने कहा कि नागरिकों के अनुशासित व्यवहार और प्रयासों से ही प्रदेश के इंदौर और भोपाल जैसे शहर स्वच्छता में देश में अव्वल स्तर पर पहुँचे हैं। यही अनुशासित और संयमित व्यवहार कोरोना को रोकने में मदद करेगा।  कमल नाथ ने कहा कि राज्य सरकार ने कोरोना संक्रमण के फैलाव को रोकने के लिए वे सभी उपाय किए हैं, जिन्हें अपनाने की सलाह भारत सरकार और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने दी है। आप सब भी इसका पालन करें। अनावश्यक एक जगह एकत्र ना हों। जब तक अत्यंत अनिवार्य नहीं हो, यात्रा करने से बचें। घरों में और आसपास सफाई रखें। साबुन और पानी से हाथ धोएं। छींकते समय नाक और मुंह ढकें। सर्दी और फ्लू से प्रभावित लोगों के पास जाने से बचें। कोरोना वायरस के संक्रमण और इसके फैलाव की रोकथाम के बारे में जो नागरिक जागरूक हो चुके हैं, वे अपनी वैज्ञानिक एवं अन्य जानकारी नागरिकों को भी दें। राज्य सरकार ने पूरी तैयारियां कर ली है। आप सबके सहयोग से हम कोरोना के संक्रमण से सुरक्षित रह पाएंगे।

मुख्यमंत्री ने बताया कि मध्यप्रदेश सरकार द्वारा नोवल कोरोना वायरस का प्रसार रोकने के लिये सभी संभव प्रयास किये जा रहे हैं। स्कूल, कॉलेज, सिनेमा हॉल, मेरिज हॉल, सार्वजनिक पुस्तकालय, वॉटर पार्क, जिम, स्वीमिंग-पूल, आँगनवाड़ी आदि को आगामी आदेश तक बंद करने का निर्णय लिया गया है। कार्यालयों में कर्मचारियों की बायोमेट्रिक उपस्थिति की व्यवस्था को बंद किया गया है। सांस्कृतिक समारोह, सार्वजनिक समारोह, आधिकारिक यात्राओं और प्रशिक्षण कार्यक्रमों को स्थगित किया गया है। विकासखण्ड स्तर तक शांति समीतियों की बैठक आयोजित कर स्थानीय जन-प्रतिनिधियों और धर्म गुरूओं के माध्यम से नोवल कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिये लोगों को जागरूक करने को कहा जा रहा है। धार्मिक प्रमुखों से कम से कम धार्मिक समारोह करने का आग्रह किया गया है। इसके साथ ही, 20 से अधिक लोगों की सभाओं को रोकने के लिये कानूनी उपाय भी किए जा रहे हैं। इसके साथ ही शासकीय एवं अशासकीय अस्पतालों में भी सभी आवश्यक इंतजाम किए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा हर नागरिक सुरक्षित रहे, इसके लिए हम प्रतिबद्ध हैं। आप भी सहयोग करें और स्वयं के साथ ही पूरे परिवार, आस-पड़ोस और समाज में कोरोना वायरस को रोकने के लिए जो भी संभव हो, सभी सहयोग दें। मंत्रि-परिषद की बैठक में भी प्रदेश, देश और विश्व स्तर पर रोकने के लिये किये गये उपायों को ध्यान में रखकर, प्रदेश के नागरिकों की सुरक्षा और बचाव के लिये कई आवश्यक निर्णय लिये गये हैं। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि आइये एकजुटता के साथ इस कोरोना वायरस बीमारी के प्रकोप को नाकामयाब करें।

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