देश

कोरोना लॉकडाउन के बीच घर पहुंचने वालों को रहना होगा क्वारंटाइन, यूपी-बिहार समेत कई राज्यों ने स्कूलों को पृथक वार्ड में बदला

Spread the love

 नई दिल्ली 
कोरोना वायरस संक्रमण को फैलने से रोकने के बीच लॉकडाउन में भी एक एक शहर से दूसरे और राज्य पहुंचने वाले लोगों को भी क्वारंटाइन और आइसोलशन में रहना होगा। यूपी, बिहार समेत कई राज्यों की सरकारों ने पलायन कर अपने गांव और शहर पहुंचने वालों के लिए अलग रखने की व्यवस्था में जुट गई हैं। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को कहा कि सूबे की सीमा में दाखिल होने वाले हर शख्स को 14 दिनों तक क्वारांटाइन अथवा आइसोलेशन में अनिवार्य रूप से रखा जायेगा। 

मुख्यमंत्री ने कोरोना के बचाव के लिए गठित टीम 11 के साथ हालात की नियमित समीक्षा के बाद लोगों को आश्वस्त किया कि लॉकडाउन अवधि में किसी का भी वेतन उसका नियोक्ता नहीं काटेगा। लाकडाउन की अवधि में आने वाली तमाम दिक्कतों के समाधान के लिये 11 वरिष्ठ अधिकारियों की अगुवाई में अलग अलग टीम का गठन किया गया है। 

इसी तरह बिहार पहुंचने वालों लोगों के लिए क्वारंटाइन में रहने की व्यवस्था की गई है। बिहार बॉर्डर पर कुछ स्कूलों में लोगों को क्वारंटाइन रखने की व्यवस्था की गई है। वहां पर रुकने वालों के लिए रहने के अलावा उनके खाने-पीने की पूरी व्यवस्था की गई है। जिले के डीएम इसको मॉनिटर भी कर रहे हैं।  

 
इसी तरह से दिल्ली में भी कोरोना लॉकडाउन के बीच बेघर और प्रवासी श्रमिकों के लिए दिल्ली सरकार की ओर से स्कूलों को अस्थायी राहत शिविर में तब्दील कर दिया गया है। दिल्ली के पटपड़गंज और गाजीपुर में सरकारी स्कूलों को राहत शिविर में तब्दील किया गया है, जहां पर लोगों को रखा जाएगा।

सुविधाएं नहीं मिलने पर हंगामा
बिहार में घुस रहे सैकडों मजदूरों को सीवान के मेहरौना बॉर्डर पर स्थित एक निजी स्कूल में रखा गया है। रविवार को ये मजदूर हंगामा करने लगे, जिसकी सूचना मिलते ही एसपी दलबल के साथ वहां पहुंचे। सरैया स्थित आरबीटी विद्यालय में बने अस्थाई कैंप में बिजली, पानी व दवाईयां नहीं मिलने से भड़के लोगों ने रविवार को जमकर हंगामा किया। इस दौरान लोगों ने कहा कि कोरोना से संक्रमित नहीं होने के बावजूद उन्हें राहत कैंप में रखा गया है।

Tags
Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Back to top button
Close