विदेश

इटली ने चीन को पीछे छोड़ा, 3405 पहुंची मृतकों की संख्‍या

Spread the love

मिलान
किलर कोरोना वायरस की मार से जूझ रहे इटली में मरने वालों की संख्‍या गुरुवार को इस बीमारी का केंद्र रहे चीन से भी आगे निकल गई। दुनिया में अब इटली में कोरोना वायरस से सबसे ज्‍यादा मौतें हुई हैं। गुरुवार को इटली में 427 लोगों की कोरोना वायरस से मौत हो गई जिससे मरने वालों का कुल आंकड़ा 3405 हो गया। चीन में अब तक 3245 लोग इस बीमारी से मारे गए हैं।

कोरोना के कहर को देखते हुए 12 मार्च से ही इटली में लॉकडाउन है और अब इसे अनिश्चित काल के लिए बढ़ा दिया गया है। इटली के लगभग सभी लोगों से कहा गया है कि वे अपने घरों में ही रहें। इटली में सरकार के तमाम प्रयास के बाद भी कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों का मामला सामने आ रहा है और मौतें रुकने का नाम नहीं ले रही हैं। 41 हजार से अधिक लोग अभी कोरोना से संक्रमित हैं। अब तक दुनियाभर में कोरोना से संक्रमण के 220, 000 मामले सामने आ चुके हैं और 9 हजार से अधिक लोगों की मौतें हुई हैं।

इटली में अनिश्चित काल के लिए लॉकडाउन
इटली ने संकट से बचने के लिए सभी व्‍यवसायों, स्‍कूलों, विश्‍वविद्यालयों को बंद कर दिया है और लोगों के इकट्ठा होने पर रोक लगा दी है। इटली के प्रधानमंत्री गियूसेप्‍पे कोंटे ने कहा है कि लॉकडाउन ने पूरी व्‍यवस्‍था को बर्बाद होने से बचाया है। उन्‍होंने कहा कि लॉकडाउन हटाए जाने के बाद भी हम तत्‍काल पहले की स्थिति में नहीं आ सकते हैं। इस बीमारी का कहर इतना ज्‍यादा है कि 6 करोड़ की आबादी वाला इटली मौतों के मामले में अब अपने से 20 गुना ज्‍यादा आबादी वाले चीन से आगे निकल चुका है।

इटली जब मौतों के मामले में रेकॉर्ड बना रहा है वहीं चीन में अब कोरोना वायरस दम तोड़ता नजर आ रहा है। चीन के वुहान शहर से कोरोना की शुरुआत हुई थी लेकिन अब वहां पर कोई भी नया मामला सामने नहीं आया है। स्‍वास्‍थ्‍य विशेषज्ञों का कहना है कि इटली में दुनिया की दूसरी सबसे ज्‍यादा बुजुर्ग आबादी है और जिनकी मौत हुई है, उनमें से 87 फीसदी लोग 70 साल की उम्र से ज्‍यादा के हैं।

चीनी कनेक्शन ने इटली में मचा दी तबाही
इटली का उत्तरी हिस्सा फैशन और गारमेंट इंडस्ट्री के कारण फल-फूल रहा है। प्रतिष्ठित वैश्विक ब्रांड जैसे कि गुची और प्राडा का यही बेस है। चूंकि चीन दुनिया को सस्ता मैनुफैक्चरिंग उपलब्ध कराता है इसलिए इटली के ज्यादातर फैशन ब्रांड चीन के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। इटली के इन फैशन हाउस में सस्ते कामगारों के रूप में चीनी श्रमिकों को हायर किया गया है, जिनमें से अधिकांश वुहान के नागरिक हैं।

इटली की फैशन इंडस्ट्री में चीनी दबदबा
यहां यह बताना बेहद महत्वपूर्ण है कि इटली से वुहान के लिए सीधी फ्लाइट है और इटली की फैक्ट्री में एक लाख से अधिक चीनी नागरिक काम करते हैं। चीनी नागरिकों ने धीरे-धीरे करके इटली में अपनी पैठ बना ली है और यहां कई फैशन फर्म के मालिक चीनी नागरिक हैं। वहीं, एक अन्य रिपोर्ट बताती है कि यहां करीब 3 लाख चीनी है और उनमें से 90 फीसदी लोग इटली की गारमेंट फैक्ट्री में काम करते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, ये हजारों छोटी कंपनियां हैं जो कि निर्यात का काम करती हैं। ये क्षेत्र आपस में जुड़ हुए भी हैं।

इटली की देर से खुली नींद, अब तबाही
इस सच्चाई को देखने के बाद भी इटली के प्रशासन की नींद कोरोना वायरस के खतरे को लेकर देर से खुली और जब खुली तो यह तेजी से फैल चुका था। अब तक इटली में 2,978 लोगों की मौत हो चुकी है और 35,713 लोग संक्रमित हैं, जबकि चीन में मौत का आंकड़ा 3245 है। विशेषज्ञों का मानना है कि नोवेल कोरोना वायरस ने इटली पर दो तरह से अटैक किया है। पहले तो यहां मृतकों की संख्या काफी ज्यादा है। करीब 60 प्रतिशत आबादी 40 या उससे ऊपर है, जिनमें से 23 प्रतिशत आबादी 65 फीसदी है। इसके कारण देश की एक चौथाई आबादी खतरे की जद में हैं। दूसरा, अर्थव्यवस्था से जुड़ा है और जिसपर प्रतिकूल असर पड़ा है। यह देश की 100 अरब डॉलर की फैशन इंडस्ट्री को प्रभावित करेगा क्योंकि अधिकांशतः यह चीन पर निर्भर है न सिर्फ सस्ते मैन्युफैक्चर के लिए बल्कि चीन के अरबों के उपभोक्ता मार्केट के कारण।

Tags
Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Back to top button
Close